Artificial Intelligence (AI) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी ElevenLabs के को-फाउंडर और सीईओ Mati Staniszewski ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कंपनी की ग्रोथ, मार्केट वैल्यू, ग्रॉस मार्जिन और कस्टमर सर्विस में AI बॉट्स के इस्तेमाल पर खुलकर बात की है। टोरंटो में आयोजित एक उद्यमिता सम्मेलन (Nrth) के दौरान दिए गए इस इंटरव्यू में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर प्रकाश डाला।
कस्टमर सर्विस में AI बॉट्स की डिस्क्लोजर पॉलिसी
आजकल अधिकांश लोग कस्टमर केयर पर बात करते समय यह पहचान नहीं पाते कि वे किसी इंसान से बात कर रहे हैं या किसी AI बॉट से। इस विषय पर बात करते हुए Mati Staniszewski ने कहा कि वर्तमान समय में व्यवसायों को ग्राहकों को यह बताना चाहिए कि वे किसी AI एजेंट से बात कर रहे हैं। TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, उनका मानना है कि लोग अभी इस तकनीक के पूरी तरह आदी नहीं हैं और कोई भी ग्राहक कॉल पर खुद को ठगा हुआ महसूस नहीं करना चाहता। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले पांच वर्षों में जब हर व्यक्ति के पास अपना खुद का पर्सनल AI एजेंट होगा, तब समाज का नजरिया बदल जाएगा।
कंपनी की वैल्यूएशन और रेवेन्यू
मात्र चार साल पुरानी कंपनी ElevenLabs ने अपनी तेज ग्रोथ से बाजार में एक अलग पहचान बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के निवेशकों ने इसे अब लगभग 22 बिलियन डॉलर (22 billion dollars) की वैल्युएशन दी है, जबकि कंपनी का एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) 600 मिलियन डॉलर के करीब बताया जा रहा है। इसके बिजनेस का 55 प्रतिशत से अधिक हिस्सा क्लासिक एंटरप्राइज से आता है, जबकि शेष 45 प्रतिशत में छोटे-मध्यम व्यवसाय, डेवलपर्स और क्रिएटर्स शामिल हैं।
ग्रॉस मार्जिन और भविष्य की योजनाएं
कंपनी के ग्रॉस मार्जिन और भविष्य के आईपीओ (IPO) के बारे में पूछे जाने पर Staniszewski ने स्पष्ट किया कि यदि मार्केट शेयर का विस्तार करने के लिए मार्जिन में कुछ कमी भी आती है, तो कंपनी इसके लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी आने वाले वर्षों में आईपीओ के लिए अपनी नींव तैयार कर रही है, हालांकि इसकी सटीक समयसीमा पूरी तरह समय और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
ElevenLabs जैसी कंपनियां आज वॉयस AI की दुनिया में तेजी से अपनी पहुंच बढ़ा रही हैं। चाहे वह Klarna, Deutsche Telekom, Cisco जैसी बड़ी कंपनियां हों या विभिन्न देशों की सरकारें, सभी इस तकनीक को अपना रही हैं। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ेगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि AI और मानव संवाद के बीच की रेखाएं किस प्रकार बदलती हैं।
