वजन घटाने और टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली GLP-1 दवाओं को लेकर एक नया चिकित्सा अध्ययन सामने आया है। शिकागो स्थित Ann & Robert H. Lurie Children’s Hospital of Chicago के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, इन दवाओं का सेवन करने वाले लगभग छह में से एक बच्चे में इलाज शुरू होने के एक साल के भीतर पोषण संबंधी कमी (nutritional deficiency) दर्ज की गई है।
एक साल में 16.8% बच्चों में न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी
जर्नल Childhood Obesity में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, GLP-1 दवाएं शुरू करने के पहले 12 महीनों में करीब 16.8 प्रतिशत कम उम्र के मरीजों में किसी न किसी पोषक तत्व की कमी पाई गई। अध्ययन में सबसे आम समस्या विटामिन डी की कमी के रूप में सामने आई, जो लगभग 12.4 प्रतिशत बच्चों में पाई गई।
शोधकर्ताओं का कहना है कि GLP-1 दवाएं भूख और भोजन के सेवन को नियंत्रित या कम करती हैं। इस वजह से बढ़ते बच्चों और किशोरों के शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाती, जिससे उनके शारीरिक विकास पर असर पड़ सकता है।
विकास और प्यूबर्टी के दौरान न्यूट्रिशन की अहमियत
अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और Lurie Children’s Hospital के सर्जरी विभाग में वाइस चेयर ऑफ रिसर्च तथा Northwestern University Feinberg School of Medicine में एसोसिएट प्रोफेसर Dr. Justin Ryder ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
“जैसे-जैसे बच्चों में GLP-1 दवाओं का प्रयोग बढ़ रहा है, हमें तेजी से होने वाले शारीरिक विकास और प्यूबर्टी के दौरान इसके जोखिमों को समझना होगा। किशोरावस्था में विटामिन डी, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनकी कमी हड्डियों के स्वास्थ्य और संपूर्ण विकास पर लंबे समय तक असर डाल सकती है।” — Dr. Justin Ryder
2,000 से अधिक बच्चों के डेटा का विश्लेषण
इस रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने 2017 से 2022 के बीच एकत्र किए गए राष्ट्रीय प्रशासनिक दावों के डेटा (claims data) का गहन विश्लेषण किया। 10 करोड़ से अधिक मरीजों के डेटाबेस में से शोधकर्ताओं ने 10 से 17 वर्ष की आयु के 2,031 ऐसे बच्चों की पहचान की, जिन्होंने लगातार इन दवाओं का इस्तेमाल किया था और जिन्हें पहले कभी पोषण की कमी की शिकायत नहीं थी।
विश्लेषण किए गए मामलों में विभिन्न GLP-1 दवाओं का उपयोग इस प्रकार पाया गया:
- Liraglutide (Victoza और Saxenda): सबसे अधिक 78.6% प्रिस्क्रिप्शन इसी दवा के थे।
- Dulaglutide (Trulicity): लगभग 10.4% मामलों में दी गई।
- Semaglutide (Ozempic और Wegovy): 9.1% मामलों में निर्धारित की गई।
न्यूट्रिशनल काउंसलिंग की भारी कमी
स्टडी में यह भी पाया गया कि बच्चों को दवा दिए जाने के बावजूद उचित पोषण संबंधी परामर्श (nutritional counseling) समय पर नहीं मिल पा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, GLP-1 थेरेपी शुरू होने के 30 दिनों के भीतर केवल 5 प्रतिशत मरीजों को न्यूट्रिशनल काउंसलिंग मिली, जबकि 6 महीने के भीतर यह आंकड़ा 25 प्रतिशत से भी कम रहा।
शोधकर्ताओं का सुझाव है कि बच्चों को GLP-1 दवाएं लिखते समय डॉक्टरों को पोषण प्रबंधन की शुरुआत दवा के साथ ही करनी चाहिए, न कि कमी के लक्षण सामने आने का इंतजार करना चाहिए। समय रहते संतुलित आहार और काउंसलिंग मिलने से बच्चों के विकास पर पड़ने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।
