भौतिक वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा: सेमीकंडक्टर में दूर स्थित टाइम क्रिस्टल कर सकते हैं सिंक्रोनाइज

भौतिक वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा: सेमीकंडक्टर में दूर स्थित टाइम क्रिस्टल कर सकते हैं सिंक्रोनाइज

भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में एक रोमांचक अध्ययन सामने आया है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि सेमीकंडक्टर (semiconductor) के भीतर मौजूद अलग-अलग time crystals आश्चर्यजनक रूप से एक जैसी लय या आवृत्ति पर सिंक्रोनाइज हो सकते हैं। यह खोज भौतिकी में नए रास्तों को खोल सकती है (ScienceDaily)।

टाइम क्रिस्टल और उनका व्यवहार

टाइम क्रिस्टल ऐसे असामान्य भौतिक सिस्टम हैं, जिनकी आंतरिक गतिविधियां समय के साथ एक नियमित लय में दोहराई जाती हैं, भले ही उन्हें किसी बाहरी सिग्नल द्वारा बार-बार संचालित न किया जा रहा हो। TU Dortmund University के प्रोफेसर Alex Greilich और उनके सहयोगियों द्वारा Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एक ही सामग्री के भीतर कई टाइम क्रिस्टल उभर सकते हैं और अपने इलेक्ट्रॉन-न्यूक्लियर स्पिन ऑसिलेशन को सिंक्रोनाइज कर सकते हैं (ScienceDaily)।

ये टाइम क्रिस्टल गैलियम arsenide से बने सेमीकंडक्टर के अंदर बनते हैं, जिसमें इंडियम और सिलिकॉन की थोड़ी मात्रा होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग -270 °C के तापमान पर, प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पास के लगभग दस लाख न्यूक्लियर स्पिन के साथ इंटरैक्ट करता है (ScienceDaily)।

पेंडुलम घड़ियों जैसा सिंक्रोनाइजेशन

सूक्ष्म स्तर पर सेमीकंडक्टर के अलग-अलग हिस्से पूरी तरह समान नहीं होते। इन स्थानीय भिन्नताओं के कारण, अलग-अलग क्षेत्रों में बनने वाले टाइम क्रिस्टल सामान्यतः थोड़ी अलग आवृत्तियों पर दोलन (oscillate) करते हैं। हालांकि, जब शोधकर्ताओं ने एक व्यापक लेज़र बीम से कई क्षेत्रों को एक साथ प्रकाशित किया, तो अलग-अलग दोलन एक साथ लॉक हो गए और एक ही आवृत्ति पर काम करने लगे (ScienceDaily)।

यह प्रभाव 1665 में Christiaan Huygens द्वारा दो पेंडुलम घड़ियों के संबंध में किए गए अवलोकन की याद दिलाता है। हालांकि, सेमीकंडक्टर में यह कनेक्शन यांत्रिक वाइब्रेशन के बजाय स्पिन-पॉलाइज्ड इलेक्ट्रॉनों की गति के माध्यम से होता है (ScienceDaily)।

आश्चर्यजनक दूरी तक असर

टीम ने पाया कि 40 माइक्रोमीटर तक की दूरी पर स्थित टाइम क्रिस्टल भी आपस में सिंक्रोनाइज हो सकते हैं। यह दूरी एक व्यक्तिगत ऑसिलेटर के आकार से एक हजार गुना से अधिक है। हालांकि, जब यह दूरी और बढ़ जाती है, तो वे एक साथ लॉक होना बंद कर देते हैं और स्वतंत्र रूप से दोलन करने लगते हैं। यह खोज भविष्य के स्पिन-आधारित उपकरणों के विकास में मददगार साबित हो सकती है (ScienceDaily)।

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