मॉन्टिग्रेन में वैज्ञानिकों ने खोजी दो नई घोंघा प्रजातियां

वैज्ञानिकों ने मॉन्टिनग्रो (Montenegro) में जमीन पर रहने वाले घोंघों की दो नई प्रजातियों की खोज की है, जिससे यह साबित होता है कि यूरोप में भी अभी ऐसे जीव मौजूद हैं जो विज्ञान के लिए अज्ञात हैं। इस खोज से यूरोपीय भूमि घोंघों की विविधता में विस्तार हुआ है। इन नई प्रजातियों का विवरण ओपन-एक्सेस जर्नल ‘Biodiversity Data Journal’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन में दिया गया है (ScienceDaily)।

अनोखी विशेषताएं और आकार

इन दोनों नई प्रजातियों के नाम Cochlostoma komarnica और Cochlostoma dobrido रखे गए हैं। फिलहाल इनमें से किसी भी प्रजाति का कोई अंग्रेजी आम नाम नहीं है। ये दोनों ही बहुत छोटे हैं, जिनके शंकु के आकार के खोल (shells) की लंबाई लगभग 6 मिमी है। ये घोंघे लाइमस्टोन की चट्टानों पर रहते हैं और शैवाल (algae) तथा लाइकेन (lichens) खाते हैं।

इनमें कई असामान्य विशेषताएं भी पाई जाती हैं। अधिकांश भूमि घोंघों के विपरीत, इनकी आंखें डंठल के सिरों पर होने के बजाय सिर के दोनों किनारों पर स्थित होती हैं। इसके अलावा, इनके पास एक सर्कुलर डिस्क होती है जो उनकी पूंछ से जुड़ी होती है और जब जानवर अंदर छिपता है तो यह दरवाजे की तरह खोल के मुहाने को सील कर सकती है (ScienceDaily)।

खोजी गई जगहों के नाम पर रखे गए नाम

इन घोंघों की खोज टैक्सन एक्सपेडिशन्स (Taxon Expeditions) द्वारा आयोजित अभियानों के दौरान की गई थी, जो आम जनता को वास्तविक वैज्ञानिक क्षेत्र के काम में हिस्सा लेने का मौका देता है। 2018 से 2025 के बीच, डरमिटोर नेशनल पार्क और कोमर्निका कैन्यन की जैव विविधता की जांच के लिए अभियान चलाए गए थे। फील्ड टीमों ने उबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों में काम करते हुए इन घोंघों का सामना किया। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ था कि ये विज्ञान के लिए अज्ञात प्रजातियां थीं, जो कि फील्ड लैब में विच्छेदन और आनुवंशिक विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सका (ScienceDaily)।

अभियान दल ने कैंप में हुए मतदान के दौरान इनके नाम चुने। ‘Cochlostoma dobrido’ का नाम डरमिटोर नेशनल पार्क के शिखरों के बीच स्थित डोब्री डो पठार (Dobri Do Plateau) के नाम पर रखा गया है, जबकि ‘Cochlostoma komarnica’ का नाम डरमिटोर के दक्षिण में स्थित कोमर्निका कैन्यन के नाम पर रखा गया है (ScienceDaily)।

कोमर्निका कैन्यन पर हाइड्रोपावर का खतरा

मॉन्टिनग्रियन इकोलॉजिस्ट्स सोसाइटी (MES) की जीवविज्ञानी जोवाना डोकिक्स (Jovana Đokić) का कहना है कि इस क्षेत्र की घाटियां और पर्वत श्रृंखलाएं व्यापक जैव विविधता को समेटे हुए हैं, जो अभी भी पूरी तरह से unexplored हैं। हालांकि, कोमर्निका कैन्यन को लेकर योजनाएं चिंताजनक हैं क्योंकि इसे हाइड्रोपावर बांध और जलाशय द्वारा डुबोए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे इस जंगली नदी घाटी और उसमें मौजूद तमाम अज्ञात प्रजातियों का आवास नष्ट हो सकता है (ScienceDaily)।

संरक्षण समूह इस क्षेत्र की रक्षा के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार करने में जुटे हैं और मांग कर रहे हैं कि कोमर्निका कैन्यन को डरमिटोर के UNESCO विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा बनाया जाए तथा हाइड्रोपावर परियोजना की योजनाओं को रद्द किया जाए (ScienceDaily)।