देश की राजनीति और कानूनी गलियारों में एक नया मोड़ आया है, जहां सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानश कुमार के अभियोजन और SIR मतदाता विलोपन की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की गई है। इस याचिका के बाद देश में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका और मुख्य मांगें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि CEC ज्ञानश कुमार पर एक ‘सामान्य आरोपी’ की तरह जांच चलाई जा सकती है और उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं ने SIR के तहत हुए कथित मतदाता विलोपन (voter deletions) की गहन जांच के लिए एक SIT गठित करने का अनुरोध किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक दलों ने भी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने जंतर-मंतर और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन किए, जहां पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए बैरिकेड्स लगाए और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में चुनाव आयोग के भीतर भी आंतरिक असहमति की खबरें सामने आई हैं, जहां कुछ मौकों पर चुनाव आयुक्तों ने आयोग के कदमों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
आगे की स्थिति
चूंकि यह मामला सीधे तौर पर देश के शीर्ष चुनाव प्राधिकारी और चुनावी सूची की पारदर्शिता से जुड़ा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो सकेगा।
